मेरी तामीर मेंमुज़मिर, है एक सूरत ख़राबी की हयूला बर्क़े खरमनका, है ख़ून-ए-गर्म दहक़ां का

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ग़ालिब की दसवीं ग़ज़ल का छटा और मानी ख़ेज़ शेअर है।
मेरी तामीर में मुज़मिर, है एक सूरत ख़राबी की
हयूला बर्क़े खरमन का, है ख़ून-ए-गर्म दहक़ां का
तामीर=साख़त, बनावट,constructionमुज़मिर=पोशीदा, छिपा हुआहयूला=माद्दा matter of things originalदहक़ां=देहाती, काश्तकार,villagerख़ून-ए-गर्म=कोशिश, सरगर्मी

तशरीह: इस शेअर में ग़ालिब ने मसाला-ए- तिब्ब यह human body anatomy कोहमारे सामने रखा है। हमारे जिस्म की रगों में जो ख़ून दौड़ता है वो हमारे जिस्म कीनशोनुमालिए ग़िज़ा पहुंचाता है, जिस्म को गर्म रखता है, और हमें काम करनेकी क़ुव्वत देता है। ये ख़ून, हमारी ग़िज़ा को तहलील करता है, पचाता है और इसदौरान-ए-अमल ख़ुद भी तहलील या destroy हो जाते है। ग़ालिब कहता है कि मैं वो देहातीहूं जो अपनी सरगर्मी, मेहनत, और कोशिशों से, फ़सल पैदा करके खेत में अनाज का ढेड़या ख़िरमन बनाता है। फिर इस पर बिजली गिरती है और उसे तबाह कर देती है। इस की वजह येहे कि बर्क़ की रगों के ख़ून, और मेरी रगों के ख़ून काअस्लीमाद्दा एक ही हे। गोया मेरी तामीर में मेरी तबाहीके बीज पहले ही से मौजूद हैं। ये शेअर क़ुरआन की आयत कुल्लो नफ़सिन ज़ायाकल मौत कोदोहराता नज़र आता है। हर चीज़फ़ानीहै क्युनके हर शेह की बनावट में इस कीफ़नाऔर मौत काफ़ार्मूला (formula) पहले से ही प्रोग्राम (program) क्या हुआ है। या ये के बक़ा औरफ़नाका माद्दा एक ही है। लोग कहते हैं के जान हैतो जहान है। ग़ालिब कहता है कि जान है तो मौत है।

शेअर की खूबियां: एक नज़र आप, में ने जो हाथ की रगों और बिजली गिरने की तस्वीरें बनाई हैं, इस पर करें। साफ़ नज़रआएगा कि दोनों में काफ़ी मुशाहबत है। लाल ख़ून की रगों वाला हाथ काम करता है, चीज़ेंबनाता है, और सफ़ेद ख़ून की रगों वाली बिजली इसे ख़त्म कर देती है। और दोनों की रगेंएक जैसी हैं। ग़ालिब की शायरी का क़ायल हर कोई इसी लिए है कि ग़ालिब अपनी बातेंकहने के लिए दूर दूर से नायाब मिसालें पेश करता है। किस में दम है जो इसी तश्बीह औरईसतआरे पेश कर सके?

माहिरीन-ए-ग़ालिब की राय: नियाज़फ़तहपूरी:- में अपनी तबाही का गिला किस से करूं जबकिमेरी साख़त और तामीर में ख़राबी की सूरतपोशीदाहै। याने जिस तरह दहक़ाँ का मेहनत करके ख़िरमन जमा करना बिजली गिरने का बाइस है ईसीतरह ख़ुद मेरा वजूद मेरी तबाही का बाइस है।

 

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